azam khan

कपिल सिब्बल का भी कांग्रेस से इस्तीफ़ा, सपा के समर्थन से राज्यसभा चुनाव का नामांकन दाख़िल किया

पूर्व कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने बताया कि वह क़रीब 10 दिन पहले 16 मई को कांग्रेस से इस्तीफ़ा दे चुके हैं. उन्होंने कहा कि 30-31 साल के रिश्ते को छोड़ना आसान नहीं होता. विभिन्न राज्यों से कांग्रेस नेताओं के इस्तीफ़ा देने का सिलसिला जारी है. इससे पहले हार्दिक पटेल, सुनील जाखड़, अश्विनी कुमार, आरपीएन सिंह और अमरिंदर सिंह जैसे नेता पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं.

यूपी: रिहाई के बाद बोले आज़म ख़ान- मेरी तबाहियों में मेरे अपनों का बड़ा योगदान

सुप्रीम कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद सीतापुर जेल से रिहा हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक आज़म ख़ान ने प्रेस वार्ता में बिना किसी का नाम लिए कहा कि उनकी जड़ों में ज़हर डालने वाले उनके अपने ही हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में सपा नेता आज़म ख़ान को अंतरिम ज़मानत दी

इस संबंध में दर्ज एफ़आईआर में आरोप लगाया गया है कि 13.842 हेक्टेयर की विवादित ज़मीन इमामुद्दीन क़ुरैशी नाम के व्यक्ति की थी, जो देश के बंटवारे के बाद पाकिस्तान चले गए और भारत की नागरिकता छोड़कर पाकिस्तान की नागरिकता ले ली. उनकी ज़मीन को शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन सपा नेता ख़ान ने अन्य लोगों की मिलीभगत से उस भूखंड पर क़ब्ज़ा कर लिया था.

क्या शिवपाल यादव का इस्तेमाल अखिलेश यादव को कमज़ोर करने के लिए हो रहा है?

वीडियो: प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल यादव ने आज़म ख़ान से जेल में मुलाकात की और वही बात कही जो योगी आदित्यनाथ ने पहले कही थी कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव को अपने नेता आज़म ख़ान के लिए कुछ करना चाहिए था. हालांकि इस बार उन्होंने अपने भाई मुलायम सिंह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि नेताजी को लोकसभा में आज़म ख़ान की आवाज़ उठानी चाहिए थी.

यूपी: शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में आज़म ख़ान को हाईकोर्ट से अंतरिम ज़मानत मिली

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिए शत्रु संपत्ति हड़पने के मामले में समाजवादी पार्टी के विधायक आज़म ख़ान को अंतरिम ज़मानत दे दी. इसी मामले में ज़मानत अर्जी पर सुनवाई में देरी को लेकर दर्ज याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.

आज़म ख़ान की ज़मानत याचिका पर देरी न्याय के साथ मज़ाक: सुप्रीम कोर्ट

समाजवादी पार्टी के नेता आज़म ख़ान को 87 में से 86 मामलों में ज़मानत मिल चुकी है. सुप्रीम कोर्ट ने ज़मीन क़ब्ज़ाने के एक मामले में उनकी ज़मानत याचिका पर सुनवाई में देरी पर नाराज़गी जताई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इससे पहले चार दिसंबर 2021 को भी उनकी ज़मानत अर्ज़ी पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. हालांकि, बाद में राज्य सरकार ने कुछ नए तथ्य पेश करने की अनुमति मांगी, जो बृहस्पतिवार को दाख़िल किए गए.

कोर्ट ने यूपी सरकार द्वारा आज़म ख़ान के जौहर विश्वविद्यालय की ज़मीन के अधिग्रहण पर रोक लगाई

साल 2005 में समाजवादी पार्टी के नेता आज़म खान द्वारा संचालित एक ट्रस्ट को संस्थान के लिए दी गई जमीन के संबंध में कुछ शर्तों के उल्लंघन के कारण उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्रवाई शुरू की थी. जनवरी 2021 में विश्वविद्यालय को दी गई 12.5 एकड़ से अधिक की ज़मीन वापस लेने का आदेश पारित किया था.

यूपी: आज़म ख़ान द्वारा कथित तौर पर क़ब्ज़ाईं संपत्तियों को वक़्फ़ बोर्ड ने वापस लिया

शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि 2012 में उत्तर प्रदेश में सपा सरकार बनने के बाद वक़्फ़ की कई संपत्तियों पर आज़म ख़ान ने कथित तौर पर क़ब्ज़ा कर लिया था. वे तब वक़्फ़ मंत्री हुआ करते थे. वहीं, बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि सैकड़ों करोड़ क़ीमत वाली कम से कम सात ऐसी संपत्तियां रामपुर नवाब के परिवार को वापस कर दी गई हैं. 

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: भाजपा इतिहास रचने की ओर, सत्ता में वापसी तय

उत्तर प्रदेश में नई सरकार की तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है. भारतीय जनता पार्टी फिर सत्ता में वापसी की ओर बढ़ रही है. हालांकि, उसकी सीट संख्या में पिछले चुनावों की अपेक्षा कमी आई है, लेकिन फिर भी प्रचंड बहुमत की प्राप्ति हुई है. वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन में भी सुधार देखा गया है, लेकिन बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस का लगभग सूपड़ा साफ हो गया है.

उत्तर प्रदेश: मतदान ख़त्म होने के अगले दिन सपा नेता आज़म ख़ान को ज़मानत मिली

समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर सीट से प्रत्याशी आज़म ख़ान को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले में ज़मानत दे दी है, लेकिन दो अन्य लंबित मामलों के चलते उन्हें जेल में ही रहना होगा. फरवरी 2020 से जेल में बंद ख़ान के ख़िलाफ़ कुल 87 आपराधिक मामले लंबित हैं, जिनमें से 81 केस साल 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले या बाद में दर्ज हुए थे.

आज़म ख़ान पर 80 मुक़दमे करने वाले आकाश सक्सेना को भाजपा ने उनके ख़िलाफ़ चुनाव में उतारा है

वीडियो: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म ख़ान की पत्नी तंज़ीन फ़ातिमा फ़िलहाल रामपुर सदर से विधायक हैं. इस बार विधानसभा चुनाव में सपा ने यहां से आज़म ख़ान को अपना उम्मीदवार बनाया है. उनके ख़िलाफ़ भाजपा ने आकाश सक्सेना को टिकट दिया है.

यूपी चुनाव: ‘आज़म ख़ान जेल में रहकर पहले से भी ज़्यादा वोटों से जीतेंगे’

वीडियो: उत्तर प्रदेश में रामपुर ज़िले की स्वार टांडा सीट से आज़म ख़ान के बेटे अब्दुल्ला आज़म ख़ान के सामने अपना दल के उम्मीदवार हमज़ा मियां के सामने मैदान में हैं. हमज़ा मियां के पिता पूर्व मंत्री नवाब काज़िम अली ख़ान उर्फ नावेद मियां भी कांग्रेस उम्मीदवार हैं. वह रामपुर शहर विधानसभा सीट से सपा सांसद आज़म ख़ान के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे हैं. द वायर की टीम ने स्वार टांडा में लोगों से बात कर उनकी समस्याएं जानी.

यूपी: क्या आज़म ख़ान की ज़मानत प्रक्रिया में देरी राजनीतिक इशारों पर हो रही है

समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से लोकसभा सांसद आज़म ख़ान पिछले दो सालों से जेल में हैं. उन पर दर्ज 87 मामलों में से 84 में उन्हें ज़मानत मिल चुकी है. शेष जिन तीन मामलों वे हिरासत में हैं, उनमें ज़मानती प्रक्रिया ऐसी अंतहीन बाधाओं का शिकार है जहां कभी सुनवाई का आवेदन रहस्यमय ढंग से ग़लत कोर्ट में पहुंच जाता है, तो कभी सुनवाई के रोज़ केस की फाइल ही खो जाती है.

जेल से बाहर आए सपा नेता आज़म ख़ान के बेटे ने कहा, ज़ालिम सत्ता का होगा अंत

वीडियो: उत्तर प्रदेश में सपा नेता आज़म ख़ान को उनके बेटे अब्दुल्ला ख़ान के साथ पुराने मामलों में जेल भेजा दिया गया था. आज़म अभी जेल में है, जबकि उनके बेटे को ज़मानत मिल गई है. अब्दुल्ला खान ने द वायर की सीनियर एडिटर आरफ़ा ख़ानम शेरवानी से बातचीत में बताया कि कैसे उनके पूरे परिवार के ख़िलाफ़ सैकड़ों केस लाद दिए गए और कैसे जेल में उनके पिता की पीड़ा जारी है.

राजद्रोह मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी की गिरफ़्तारी पर रोक

पूर्व राज्यपाल अज़ीज़ क़ुरैशी ने गिरफ़्तारी पर रोक लगाने और एक भाजपा नेता द्वारा बीते पांच सितंबर को उत्तर प्रदेश के रामपुर ज़िले के सिविल लाइंस पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया था. आरोप है कि आज़म ख़ान के घर जाने और उनकी पत्नी से मुलाकात करने के बाद क़ुरैशी ने राज्य सरकार के ख़िलाफ़ अपमानजनक बयान दिया था.