Police Atrocities

उत्तर प्रदेश: थाने में युवक को बेरहमी से पीटा गया, पांच पुलिसकर्मियों समेत सात पर केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले के अलापुर थाना क्षेत्र की ककराला पुलिस चौकी में का मामला. युवक की पहचान 22 वर्षीय रेहान शाह के रूप में हुई है. परिजनों का आरोप है कि चौकी के अंदर पूछताछ के दौरान रेहान को करंट का झटका दिया गया और उनके गुप्तांग में प्लास्टिक की पाइप डाल दी गई थी. बाद में पुलिसकर्मियों ने उन्हें छोड़ने के एवज में पांच हज़ार रुपये की रिश्वत भी ली थी.

दबिश के दौरान यूपी पुलिस ने कथित तौर पर महिला को गोली मारी, पूरे थाने पर हत्या का मुक़दमा

पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले की घटना. पुलिस का कहना है वह इस्लामनगर गांव में गोकशी के एक मामले में अब्दुल नाम के व्यक्ति को गिरफ़्तार करने के लिए दबिश देने गई थी. इस बीच ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर हल्ला बोल दिया और पत्थरबाज़ी के साथ-साथ गोली भी चलाई, जिसमें महिला की मौत हो गई. इस महीने यह तीसरी घटना है, जिसमें दबिश के दौरान तीन महिलाओं की जान जा चुकी है.

त्रिपुरा पुलिस ​​हिरासत में चकमा समुदाय की नाबालिग लड़की और युवक की मौत, न्यायिक जांच की मांग

त्रिपुरा के गोमती ज़िले का मामला. एक नाबालिग लड़की और युवक के बीच प्रेम संबंध था. दोनों के घर छोड़कर चले जाने के बाद लड़की के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. बताया जाता है​ कि पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद उनके माता-पिता को ख़बर मिली कि दोनों ने ज़हर खा लिया. चकमा सामाजिक परिषद ने मामले की न्यायिक जांच की मांग के साथ ज़िम्मेदार पुलिसवालों को कड़ी सज़ा देने की मांग की है.

मध्य प्रदेश: पुलिस हिरासत से जारी पत्रकार और अन्य की अर्द्धनग्न तस्वीर के पीछे की कहानी क्या है

कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के सीधी ज़िले के कोतवाली थाने के भीतर अर्धनग्न अवस्था में खड़े कुछ लोगों की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी. आरोप है कि स्थानीय भाजपा विधायक केदारनाथ शुक्ल के इशारे पर पुलिस ने पत्रकार और अन्य लोगों को सबक सिखाने के लिए उन्हें हिरासत में लेकर उनके कपड़े उतरवाए और लगभग नग्न अवस्था में उनकी तस्वीर सार्वजनिक कर दी.

गुजरात हाईकोर्ट ने दो दंपतियों की हिरासत में कथित यातना के मामले की जांच के आदेश दिए

यह मामला चार फरवरी 2015 का है, जब ग़ैर-अधिसूचित जनजाति से ताल्लुक रखने मनसुख कुमारखानिया, उनकी पत्नी मीना, भाई रसिक और उनकी पत्नी रीना को लूट के प्रयास के एक मामले में गिरफ़्तार किया था. आरोप है कि पुलिस ने इन चार लोगों को तब तक प्रताड़ित किया, जब तक उन्होंने एक कथित अपराध को कबूल नहीं कर लिया. 

छत्तीसगढ़: आदिवासियों के लिए न्याय पाने की राह इतनी मुश्किल क्यों है

मार्च 2011 में सुकमा ज़िले के तीन गांवों में आदिवासियों के घरों में आग लगाई गई थी. पांच महिलाओं से बलात्कार हुआ और तीन ग्रामीणों की हत्या हुई थी. इसका आरोप पुलिस पर लगा था. सीबीआई की एक रिपोर्ट में भी विवादित पुलिस अधिकारी एसआरपी कल्लूरी और पुलिस को ज़िम्मेदार बताया गया था, लेकिन हाल ही में विधानसभा में पेश एक रिपोर्ट बताती है कि मामले में पुलिस को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया.

कासगंज हिरासत में मौतः अल्ताफ़ के पिता बोले- इंसाफ़ की लड़ाई मुश्किल, पर कोर्ट ने ग़रीबों की सुनी

यूपी के कासगंज ज़िले में एक नाबालिग लड़की की गुमशुदगी के सिलसिले में हिरासत में लिए गए अल्ताफ़ की बीते साल नवंबर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पुलिस ने इसे ख़ुदकुशी बताया था जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटे जाने से अल्ताफ़ की मौत होने का आरोप लगाया था. अब कोर्ट ने अल्ताफ़ का शव निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम करवाने का निर्देश दिया है.

कासगंज हिरासत में मौत: कोर्ट ने पीड़ित का शव निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम करने का निर्देश दिया

उत्तर प्रदेश के कासगंज ज़िले में एक नाबालिग लड़की के गुमशुदगी के सिलसिले में हिरासत में लिए गए अल्ताफ़ बीते साल नवंबर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी. पुलिस ने इसे ख़ुदकुशी बताया था जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटे जाने से अल्ताफ़ की मौत होने का आरोप लगाया था.

लखीमपुर खीरी: पुलिस की कथित पिटाई से नाबालिग की मौत का आरोप, तीन पुलिसकर्मी निलंबित

मामला लखीमपुर खीरी ज़िले की संपूर्णानगर कोतवाली के कमलापुरी गांव का है, जहां के एक 17 वर्षीय युवक को मोबाइल चोरी के आरोप में खजुरिया चौकी में हिरासत में लिया गया था. आरोप है कि वहां उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, जिसके बाद युवक ने एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया.

तमिलनाडु: कथित तौर पर पुलिस हिरासत में विशेष रूप से सक्षम दलित की मौत

तमिलनाडु के सेलम ज़िले के रहने वाले प्रभाकर और उनकी पत्नी को चोरी के संदेह में तीन थानों की पुलिस उनके घर से मारपीट करके जबरन उठा ले गई थी. चार दिन बाद पुलिस ने उनके परिवार को सूचित किया कि प्रभाकर अस्पताल में हैं और उसकी हालत गंभीर है. हिरासत में प्रताड़ना के आरोपों के बीच तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.

दिल्ली: हिरासत में यातना के मामले में कोर्ट ने पुलिस के ख़िलाफ़ मामला दर्ज करने का आदेश दिया

इस महीने की शुरुआत में लूट के एक आरोपी के शरीर पर चोटों के निशान देखने के बाद एक जज ने बेगमपुर पुलिस थाने के कर्मचारियों के ख़िलाफ़ जांच शुरू करने का आदेश दिए थे. अब अदालत ने आरोपी को हिरासत में प्रताड़ित करने, उनके परिवार की महिलाओं से छेड़छाड़ के लिए कई पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है.

बीते 20 सालों में हिरासत में मौत के 1,888 मामले, 26 पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया: रिपोर्ट

एनसीआरबी और क्राइम इन इंडिया की 2001-2020 की रिपोर्ट्स से तैयार किया गया डेटा बताता है कि कुल 1,888 में से 893 में पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ केस दर्ज किए गए और 358 के ख़िलाफ़ आरोपपत्र दायर हुए. हालांकि इन सालों में केवल छब्बीस पुलिसकर्मियों को दोषी साबित किया जा सका.

कासगंज मामला: युवक की हिरासत में मौत के तीन दिन बाद ‘लापता’ लड़की मिली- पुलिस

उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक नाबालिग लड़की के ‘गुमशुदगी’ के सिलसिले में अल्ताफ़ नाम के युवक को हिरासत में लिया गया था, जहां उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पुलिस ने बताया है कि लड़की 12 नवंबर को कासगंज रेलवे स्टेशन पर मिली.

कासगंज में अल्ताफ़ की मौत: क्या पुलिस हिरासत में की गई हत्या है?

वीडियो: उत्तर प्रदेश के कासगंज ज़िले में एक ‘गुमशुदा’ लड़की के मामले में हिरासत में लिए गए 22 वर्षीय युवक अल्ताफ़ की पुलिस थाने में बीते 8 नवंबर को मौत हो गई थी. इसे लेकर एक एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. पुलिस का दावा है कि अल्ताफ़ ने शौचालय के नल की टोटी से फांसी लगाकर आत्महत्या की है.

कासगंज मामलाः पुलिस हिरासत में युवक की मौत के कई दिनों बाद एफआईआर दर्ज

नौ नवंबर को कासगंज में अल्ताफ़ नाम के युवक की पुलिस हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. पुलिस ने इसे ख़ुदकुशी बताया है जबकि मृतक के परिजनों ने पुलिस द्वारा बेरहमी से पीटे जाने से मौत होने का आरोप लगाया है.