द वायर का इंस्टाग्राम अकाउंट मोदी सरकार पर व्यंग्यात्मक कार्टून को लेकर भारत में सोमवार शाम क़रीब दो घंटे तक ब्लॉक रहा. मंत्रालय ने ज़िम्मेदारी इनकार किया, जबकि मेटा द्वारा ‘ग़लती’ की बात सामने आई. बिना पूर्व सूचना की गई इस कार्रवाई ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल सेंसरशिप पर सवाल खड़े किए हैं.
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पुस्तक समीक्षा: लब्ध चित्रकार-गद्यकार अखिलेश लिखते हैं, 'अम्बर पाण्डेय का 'मतलब हिन्दू' उपन्यास अपने कथ्य-कहानी और उसके प्रवाह के साथ ही अपनी भाषा के कारण मुझे अद्वितीय लगा. कहानी एक युवक की है जो ब्राह्मण है और उसके जीवन में आए उन लम्हों की है, जब उसने निस्संकोच अपना ब्राह्मणत्व त्यागा. जो मुझे भाया वह उपन्यास की हिंदी भाषा है, जो अपने में लोक समेटे है.'
बांग्लादेश के राजबाड़ी ज़िले में कथित उगाही के प्रयास को लेकर एक हिंदू व्यक्ति को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला. हालांकि, अंतरिम सरकार ने कहा है कि यह मामला आपराधिक है, न कि सांप्रदायिक. हाल के दिनों में वहां यह किसी हिंदू व्यक्ति की लिंचिंग की दूसरी घटना है.
यूपी के फतेहपुर ज़िले के मवई गांव में मंगलवार को कथित तौर पर दो सौ साल पुरानी एक मज़ार को गिराए जाने के आरोप में पुलिस ने बजरंग दल के एक समन्वयक को गिरफ़्तार किया है और कई आरोपियों की तलाश जारी है. बताया गया है कि तोड़फोड़ करते समय आरोपी बांग्लादेश के मौजूदा हालात का ज़िक्र कर रहे थे.
ओडिशा के संबलपुर में कथित तौर पर ‘अवैध बांग्लादेशी प्रवासी’ होने के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार डाले गए पश्चिम बंगाल के निर्माण श्रमिक की पहचान 19 वर्षीय जुएल राणा के रूप में हुई है. मृतक के एक रिश्तेदार ने पुष्टि की है कि जुएल उम्र 19 साल थी... न कि 30 साल, जैसा कि कुछ ख़बरों में बताया जा रहा है.
स्मृति शेष: विनोद कुमार शुक्ल के यहां विचार से मनुष्यता नहीं बनती, मनुष्यता से विचार उपजता है. भाषा व्याकरण का पालन नहीं करती- उनकी रचना उनकी कल्पना का व्याकरण है.
ओडिशा के संबलपुर में बुधवार शाम पश्चिम बंगाल के रहने वाले एक श्रमिक जुएल शेख़ की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. हमलावरों ने उन पर और उनके साथियों पर 'बांग्लादेशी 'घुसपैठिया' होने का आरोप लगाया था. पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना के लिए भाजपा को ज़िम्मेदार ठहराया है.
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