एक आरटीआई के जवाब से पता चला है कि ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के पास बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ हिंसा का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है. उच्चायोग ने जो आंकड़े दिए हैं, वे एक ग़ैर-सरकारी संगठन से लिए गए हैं, जिससे भारत सरकार की निगरानी और दावों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं.
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केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की वर्ष 2024-25 की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार में कार्यरत ग्रुप-सी के सफाई कर्मचारियों में से 66 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग पृष्ठभूमि से आते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने जाति-आधारित भेदभाव से निपटने के लिए जारी यूजीसी के नए दिशानिर्देशों पर रोक लगा दी है. अदालत ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव से निपटने के लिए बनाए गए इन नियमों के दुरुपयोग होने की संभावना है. ये नए विनियएम अब 19 मार्च तक स्थगित रहेंगे.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पिछले बजट भाषण में घोषणा की थी कि सरकार एक लाख करोड़ रुपये का 'अर्बन चैलेंज फंड' स्थापित करेगी, जिसका उद्देश्य शहरों को विकास केंद्र के रूप में विकसित करना, शहरों में बंजर भूमि का पुनर्विकास करना और 100 शहरों में जल आपूर्ति और स्वच्छता परियोजनाओं को बढ़ावा देना है. हालांकि, 11 महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यह कोष अभी तक शुरू नहीं हो पाया है.
ओडिशा के नबरंगपुर ज़िले के कापेना गांव में ईसाई आदिवासियों को भीड़ ने लाउडस्पीकर पर धमकियां देते हुए कहा गया है कि यदि उन्होंने अपनी धार्मिक गतिविधियां जारी रखीं तो चर्च को ध्वस्त कर दिया जाएगा और 30 ईसाई आदिवासी परिवारों को गांव से बाहर कर दिया जाएगा.
यूजीसी द्वारा उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकने के लिए नए नियम अधिसूचित किए जाने के बाद कथित ऊंची जातियां और दक्षिणपंथी संगठन व्यापक विरोध कर रहे हैं. यह विरोध सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर से भी सामने आया है, जहां कई नेता इन नियमों के ख़िलाफ़ खुलकर बोल रहे हैं.
महाराष्ट्र की राजनीति में ‘दादा’ कहलाने वाले अजित पवार का 28 जनवरी, 2026 को एक विमान हादसे में निधन हो गया. सहकारिता, गठबंधन और सत्ता-यथार्थवाद की राजनीति के प्रतीक रहे पवार के जाने से राज्य की सत्ता-संरचना में एक पूरा ‘पावर-रूम’ अचानक खाली हो गया.
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