Jammu Kashmir Administration

मुझे नज़रबंद किया गया, कश्मीर में स्थिति सामान्य होने के दावों की सच्चाई सामने आई: मुफ़्ती

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने केंद्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां भारत सरकार अफ़ग़ानिस्तान में लोगों के अधिकारों के लिए चिंता व्यक्त कर रही है, वहीं कश्मीरियों को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है.

महबूबा मुफ़्ती ने केंद्र को चेताया- अगर जम्मू कश्मीर ने सब्र खोया, तो आप गायब हो जाएंगे

पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती ने कहा कि केंद्र के पास अब भी जम्मू कश्मीर में एक संवाद प्रक्रिया शुरू करने का अवसर है जैसे पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने किया था और उनके पास सूबे की पहचान को अवैध रूप से और असंवैधानिक तरीके से छीनकर की गई ग़लती को सुधारने का एक मौक़ा है, अन्यथा बहुत देर हो जाएगी.

जम्मू कश्मीर: सरकारी ज़मीन हस्तांतरण के विरोधी भाजपा नेता ख़ुद अवैध क़ब्ज़ाधारक निकले

सूचना का अधिकार के तहत हासिल जवाब में पाया गया कि दो अन्य लोगों के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता राजस्व विभाग के दस्तावेज़ों में साल 2010 से 2017 के दौरान राज्य में सरकारी ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़ेधारक के रूप में पाए गए हैं. हालांकि गुप्ता ने इससे इनकार किया है.

सीआईसी ने अनुच्छेद 370 से जुड़ीं फाइलों को सार्वजनिक करने से किया इनकार, कहा- सुरक्षा को ख़तरा है

गृह मंत्रालय में एक आरटीआई आवेदन दायर कर संविधान के अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से जुड़े सभी दस्तावेज़, पत्राचार, फाइल नोटिंग्स, रिकॉर्ड इत्यादि की प्रतियां मांगी गई थीं.

आतंकवाद से पलायन कर गए कश्मीर में हिंदुओं की नौ संपत्तियां लौटाई गईं: केंद्र सरकार

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में बताया कि सरकार कश्मीर में आतंकवादी हिंसा के चलते अपने घरों से पलायन कर गए कश्मीरी पंडितों की पैतृक संपत्ति को बहाल करने के प्रयास कर रही है तथा अभी तक नौ संपत्तियों को उनके उचित एवं वास्तविक स्वामियों को वापस कर दिया गया है. 

कश्मीरी पत्रकार ने कहा- डिलीट ट्वीट को लेकर पुलिस ने पांच घंटे तक पूछताछ की

कश्मीरी पत्रकार इरफ़ान अमीन मलिक ने जम्मू कश्मीर की फिल्म नीति के बारे में सात अगस्त की शाम को एक ट्वीट पोस्ट किया था. हालांकि ट्वीट पोस्ट करने के दो मिनट के भीतर ही उन्होंने उसे डिलीट कर दिया था, लेकिन जम्मू कश्मीर पुलिस ने आठ अगस्त को मलिक को दक्षिण कश्मीर के त्राल पुलिस स्टेशन बुलाया, जहां उनसे इस संबंध में पांच घंटे तक पूछताछ की गई.

अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद जम्मू कश्मीर में बाहर के दो लोगों ने दो संपत्तियां ख़रीदीं: सरकार

पांच अगस्त, 2019 से पहले जब जम्मू कश्मीर को अनुच्छेद 370 के तहत विशेष दर्ज़ा प्राप्त था तो राज्य विधानसभा को किसी नागरिक को परिभाषित करने का संवैधानिक अधिकार था. केवल वे परिभाषित नागरिक ही राज्य में नौकरियों के लिए आवेदन करने या अचल संपत्ति ख़रीदने के हक़दार होते थे.

New Delhi: Telecom Minister Manoj Sinha addresses a press conference regarding the achievements of his ministry in the four years of NDA government, in New Delhi on Tuesday, June 12, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI6_12_2018_000053B)

जम्मू कश्मीरः आतंकी संगठनों के सहयोगी होने के आरोप में 11 सरकारी कर्मचारी बर्ख़ास्त

बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में हिज्बुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटे और और दो पुलिसकर्मी शामिल हैं. उन्हें भारतीय संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत बर्खास्त किया गया है. इस अनुच्छेद के तहत कोई जांच नहीं की गई और बर्खास्त कर्मचारी राहत पाने के लिए सिर्फ हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं.

‘एंटी नेशनल’ संबंध वाले लोगों को सरकारी ठेका न मिलना सुनिश्चित करें: जम्मू कश्मीर प्रशासन

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने शीर्ष नौकरशाहों को यह सुनिश्चित करने के लिए तंत्र विकसित करने के लिए कहा है कि ‘संदिग्ध व्यक्तियों और राष्ट्र विरोधी तत्वों’ के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष संबंधों वाले व्यक्तियों और फर्मों को कोई सरकारी अनुबंध न मिले.

Srinagar: Security personnel stand guard during restrictions and strike called by separatists against Prime Minister Narendra Modi's visit to the state, at Lal Chowk, in Srinagar, on Saturday. (PTI Photo/S Irfan) (PTI5_19_2018_000049B)

जम्मू कश्मीर: सेवा नियमों में बदलाव; 5 साल उपयोग किए गए नंबर और ससुराल वालों की जानकारी देनी होगी

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, 15 वर्ष की आयु से शैक्षणिक विवरण, स्वामित्व वाले या उपयोग किए गए वाहनों की पंजीकरण संख्या, ईमेल और सोशल मीडिया या वेब-आधारित पोर्टल खातों, बैंक और डाकघर खाता संख्या, विदेश यात्राओं (पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर सहित), क़र्ज़ आदि के बारे में भी जानकारी प्रदान करनी होगी.

जम्मू कश्मीर: अलगाववादी नेता की हिरासत के दौरान मौत के बाद उनके बेटे यूएपीए के तहत गिरफ़्तार

अलगाववादी नेता मोहम्मद अशरफ सेहराई जम्मू कश्मीर पुलिस की पीएसए के तहत निवारक हिरासत के दौरान अस्पताल में भर्ती थे, जहां पांच मई को उनकी मौत हो गई. आरोप है कि उनके जनाज़े में उनके दो बेटों- 35 वर्षीय राशिद सेहराई और 33 वर्षीय मुजाहिद सेहराई ने देशद्रोही नारे लगाए थे.

जम्मू कश्मीर: राज्य की सुरक्षा को ख़तरा बताते हुए दो और सरकारी कर्मचारी बर्ख़ास्त

इससे पहले जम्मू कश्मीर प्रशासन ने बीते 30 अप्रैल को कुपवाड़ा के एक सरकारी शिक्षक को राज्य की सुरक्षा को ख़तरा बताते हुए बर्ख़ास्त कर दिया था. केंद्र शासित जम्मू कश्मीर प्रशासन ने एक नया क़ानून लागू किया गया है, जिसके तहत ‘राज्य की सुरक्षा’ के ख़िलाफ़ संदिग्ध गतिविधियों वाले सरकारी कर्मचारियों को बिना जांच किए बर्ख़ास्त किया जा सकता है.

New Delhi: Telecom Minister Manoj Sinha addresses a press conference regarding the achievements of his ministry in the four years of NDA government, in New Delhi on Tuesday, June 12, 2018. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI6_12_2018_000053B)

जम्मू कश्मीर: पहली बार एक शिक्षक को राज्य की सुरक्षा के हित में बर्ख़ास्त किया गया

जम्मू कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद यह देखा कि कुपवाड़ा के सरकारी स्कूल के शिक्षक इदरीस जान की गतिविधियां राज्य की सुरक्षा के हित में सेवा से उनकी बर्ख़ास्तगी की मांग करती हैं और इस मामले में जांच करना उचित नहीं है.

हिरासत में लिए गए रोहिंग्याओं को निर्धारित प्रक्रिया के बिना म्यांमार प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा: सुप्रीम कोर्ट

सीजेआई एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने उस याचिका पर यह आदेश पारित किया जिसमें जम्मू में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या शरणार्थियों को म्यांमार प्रत्यर्पित करने से रोकने के लिए केंद्र को निर्देश देने के लिए अनुरोध किया गया था.

जम्मू कश्मीर में रह रहे 150 से अधिक रोहिंग्याओं को वापस उनके देश भेजने की प्रक्रिया शुरू

बीते छह मार्च को जम्मू शहर में सत्यापन अभियान के दौरान क़रीब 168 रोहिंग्या मुसलमानों को अवैध रूप से रहते हुए पाए जाने पर उन्हें कठुआ जिले के एक विशेष केंद्र में भेज दिया गया था. आंकड़ों के अनुसार, जम्मू और सांबा ज़िलों में रोहिंग्या मुसलमानों एवं बांग्लादेशियों समेत 13,700 से अधिक विदेशी बसे हुए हैं और उनकी जनसंख्या में 2008 से 2015 के बीच छह हज़ार से अधिक की वृद्धि हुई.