पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि ग़ाज़ियाबाद पुलिस उन्हें और उनके परिजनों को परेशान कर रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस देर रात उनके घर पहुंची, जबकि उनके ख़िलाफ़ लगाए गए आरोपों और दर्ज एफआईआर की पूरी जानकारी उन्हें ठीक से नहीं दी जा रही है. उपाध्याय उन शुरुआती पत्रकारों में शामिल थे, जिन्होंने अयोध्या राम मंदिर में भ्रष्टाचार और चढ़ावा चोरी के आरोपों को सामने लाया था.
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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की यह टिप्पणी कांग्रेस के एक कार्यक्रम में हुई उस बातचीत के बाद आई, जिसमें इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का ज़िक्र करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी इटली की समकक्ष की हालिया ‘मेलोडी’ केमिस्ट्री पर कटाक्ष किया गया था.
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं के लिए प्रस्तावित सहायता योजना की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि, इससे पहले महिलाओं के लिए ऐसी नकद हस्तांतरण योजनाएं भाजपा के लिए चुनावी फ़ायदे का ज़रिया बनी हैं. इनमें 2023 में मध्य प्रदेश की ‘लाडली बहना योजना’, 2024 में महाराष्ट्र की ‘लाडकी बहिन योजना’ और 2025 में बिहार में एनडीए सरकार की ‘मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना’ शामिल हैं.
नगालैंड बैपटिस्ट चर्च काउंसिल ने कहा कि वह ऐसे किसी भी निर्देश या प्रथा के ख़िलाफ़ है, जिसका उद्देश्य नागरिकों, खासकर ईसाइयों को वंदे मातरम गाने के लिए बाध्य करना हो. इससे पहले नगा छात्र संगठनों ने वंदे मातरम गायन अनिवार्य किए जाने का विरोध करते हुए स्कूलों और शिक्षण संस्थानों से कहा था कि वे 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों में छात्रों को न भेजें.
पुस्तक समीक्षा: प्रोफेसर रतन लाल की ‘आंबेडकर और संसदीय लोकतंत्र’ को केवल अतीत के किसी महान विचारक के लेखन का संकलन मानना इसके महत्व को कम करके देखना होगा. आज जब लोकतंत्र को चुनावी बहुमत के साथ लगभग समानार्थी मान लेने का ख़तरा बढ़ रहा है, तब आंबेडकर हमें याद दिलाते हैं कि लोकतंत्र की वास्तविक परीक्षा चुनाव के दिन नहीं, बल्कि उन दिनों में होती है जब सत्ता को अपनी ही सीमाओं का सम्मान करना होता है.
वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन के वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल असम में आई बाढ़ के विकराल रूप लेने की वजह जलवायु परिवर्तन के कारण हुई भारी बारिश नहीं, बल्कि ख़राब बाढ़ प्रबंधन और पर्यावरणीय क्षरण जैसे मानवीय कारक थे. अनियोजित शहरीकरण, वनों की कटाई और अपर्याप्त बाढ़ प्रबंधन ने नदी के किनारों के कटाव को तेज़ किया है, प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था को बाधित किया है और बाढ़ के प्रभाव को बढ़ा दिया है.
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले से देश को संबोधित करते हुए कहा कि 'जंगलों में हथियारबंद नक्सलियों के ख़िलाफ़ सफलता मिली है, लेकिन ‘दिमाग़ी नक्सल’ अब भी हिंसा तथा अराजकता का रास्ता खोलने की कोशिश कर रहे हैं.' कांग्रेस ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जिन्हें 'अर्बन नक्सल' या अब 'दिमागी नक्सल' कहते हैं, उनके उठाए गए मुद्दों या मांगों पर सरकार बाद में क़दम उठाती है.
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