दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गान प्रांत में बंदर अब्बास के पास मीनाब में लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय पर हुए इज़रायल-अमेरिकी हवाई हमले की पुष्टि करते हुए मीनाब के गवर्नर ने शनिवार दोपहर बताया कि 48 अन्य लोग, जिनमें छात्राएं भी शामिल हैं, घायल हुए हैं. मरने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है.
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हुगली ज़िले के निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अमित नंदी को 14 फरवरी को गिरफ़्तार किया गया. एक सब-इंस्पेक्टर की शिकायत पर उनके ख़िलाफ़ दर्ज एफआईआर में एक फेसबुक पोस्ट का ज़िक्र है, जिसमें कहा जा रहा है कि नंदी ने एक ट्रैफिक पोस्ट पर प्रदर्शित सड़क-सुरक्षा संदेश का मज़ाक उड़ाया था.
योगी आदित्यनाथ के शासन काल में उत्तर प्रदेश में बुलडोज़र निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले औज़ार से बदलकर मुसलमानों को सामूहिक रूप से दंडित करने वाला हथियार और राजनीतिक नाटक का हिस्सा बन गया. यह तरीका एक राष्ट्रीय मॉडल बन गया, जिसे भाजपा ने सराहा और दूसरे भाजपा शासित राज्यों तथा कांग्रेस शासित कर्नाटक में भी अपनाया गया.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत लगाए गए टैरिफ को अधिकार सीमा से बाहर बताया है, लेकिन राष्ट्रपति ने साफ कहा कि भारत के साथ हुई डील पर कोई असर नहीं पड़ेगा. ट्रंप का दावा है कि अब भारत टैरिफ देगा और अमेरिका नहीं, जबकि कानूनी स्थिति अभी अस्पष्ट है.
पुस्तक समीक्षा: विनीत कुमार की 'बैचलर्स किचन' निजी और सार्वजनिक स्पेस के बीच किए जाने वाले पितृसत्तात्मक विभाजन को प्रभावी रूप से चुनौती देती है. एक बैचलर व्यक्ति की रसोई को केंद्र में रखकर यह कृति उस प्रचलित धारणा को विघटित करती है, जिसके अनुसार रसोई किसी जेंडर विशेष का स्वाभाविक क्षेत्र माना जाता है.
घटना गोरखपुर की है, जहां 1 फरवरी को न्यू राजेश हाईटेक हॉस्पिटल में आयोजित नेत्र शिविर के दौरान 30 मरीज़ों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था. सर्जरी के 24 घंटे के भीतर कई मरीज़ों ने ऑपरेशन वाली आंख में तेज़ दर्द और पस निकलने की शिकायत की. अब बताया गया है कि यह संक्रमण था, जिसके फैलने के डर से नौ लोगों की आंखें निकालनी पड़ी और कइयों की प्रभावित आंख की रोशनी चली गई.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में जेएनयू की कुलपति यह कहती हुईं नज़र आ रही हैं कि आप स्थायी रूप से पीड़ित बनकर या विक्टिमहुड के साथ तरक्की नहीं कर सकते. ऐसा ही अश्वेतों के साथ हुआ, यही दलितों के साथ हो रहा है. इस बयान की व्यापक आलोचना के बाद उन्होंने कहा कि वह ख़ुद बहुजन समाज से आती हैं, इसलिए किसी भी समुदाय के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी करने का सवाल ही नहीं उठता.
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