डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी एक कार्यकारी आदेश में यह दावा किए जाने के बाद कि भारत ने रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात रोकने की प्रतिबद्धता जताई है, इस पर उठे सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस संबंध में जानकारी विदेश मंत्रालय देगा. गोयल ने यह भी कहा कि डील में ऐसे किसी भी प्रावधान को शामिल नहीं किया जाएगा जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो.
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विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले 'घुसपैठियों' को लेकर चेताने की कड़ी में अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम में चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि अगर भाजपा तीसरी बार सत्ता में आई, तो हर अवैध प्रवासी को राज्य से बाहर निकाला जाएगा. इससे पहले उन्होंने बिहार और झारखंड चुनावों से पहले भी 'घुसपैठियों' के मुद्दे को उठाया था.
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया कि तीन महीने के भीतर सभी स्कूलों में छात्राओं और छात्रों के लिए अलग-अलग शौचालय सुनिश्चित किए जाएं. सभी सरकारी और निजी स्कूलों में मुफ्त सैनिटरी पैड उपलब्ध कराए जाएं. साथ ही कहा कि सुविधाएं संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा हैं, जिसमें गरिमा के साथ जीवन जीना शामिल है.
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में आरटीआई कानून की दोबारा समीक्षा की सिफारिश की गई है. इसमें नीतिगत चर्चाओं, ड्राफ्ट दस्तावेजों और नौकरशाहों के सेवा रिकॉर्ड को सार्वजनिक दायरे से बाहर रखने तथा मंत्रियों को जानकारी रोकने का वीटो देने का सुझाव दिया गया है. कांग्रेस ने सरकार पर आरटीआई एक्ट को कमजोर करने का आरोप लगाया है.
ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 65,308 सरकारी स्कूलों में से 3,768 स्कूल पूरी तरह जर्जर हैं और उन्हें उपयोग के लिए असुरक्षित घोषित किया गया है. इन 65,308 स्कूलों में कुल 5,40,126 कमरे हैं, जिनमें से 2,36,441 कमरे सुरक्षित पाए गए. वहीं 83,783 कमरे पूरी तरह जर्जर और उपयोग के लिए असुरक्षित हैं, जबकि शेष 2,19,902 कमरों को बड़े पैमाने पर मरम्मत की जरूरत है.
गौतम अडानी और सागर अडानी ने अमेरिका के सिक्योरिटीज़ एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) के कानूनी समन को अपने अमेरिकी वकीलों के माध्यम से स्वीकार करने पर सहमति दे दी है. इसके साथ ही भारत सरकार की आपत्तियों के कारण 14 महीनों से अटकी समन प्रक्रिया समाप्त हो गई है. अब अदालत में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है.
सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसी नियमावली पर रोक लगाई है जो उसी के आदेश के कारण बनाई और घोषित की गई थी. लेकिन इसके ख़िलाफ़ जिस तरह ‘सवर्ण’ समुदायों का एक हिस्सा भड़क उठा. संख्या में कम होने पर भी इस समुदाय की ताक़त कितनी अधिक है और वह कितना प्रभावी है, सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश से पता लगता है.
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