बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा की एक सत्र अदालत के फैसले को रद्द करते हुए तहलका पत्रिका के प्रधान संपादक रहे तरुण तेजपाल को वर्ष 2013 में अपनी जूनियर सहयोगी के साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न के मामले में दस साल की क़ैद की सज़ा सुनाई है. अदालत ने तेजपाल को दो हफ़्तों के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है.