संपादक संजय शर्मा का कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब उनके चैनल को सरकार द्वारा इस तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है. इससे पहले भी पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के समय चैनल बंद करवाया गया था और बाद में जब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, तो सरकार ने चुपचाप अपना आदेश वापस ले लिया और चैनल को बहाल कर दिया गया था.